जशपुर के 'पहाड़ी कोरवा' बनेंगे वर्ल्ड क्लास तीरंदाज: पण्डरापाठ में ₹20.53 करोड़ की अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का शिलान्यास
जशपुरनगर | मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए एक बड़े अध्याय की शुरुआत हुई है। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत सन्ना तहसील के पण्डरापाठ में 20 करोड़ 53 लाख रुपए की लागत से बनने वाली अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी (Archery Academy) का भूमिपूजन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। यह अकादमी विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति 'पहाड़ी कोरवा' बच्चों के पारंपरिक कौशल को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए बनाई जा रही है।
प्रमुख विशेषताएं: क्या-क्या मिलेगा खिलाड़ियों को?
इस अकादमी को केवल एक खेल मैदान के रूप में नहीं, बल्कि एक संपूर्ण ट्रेनिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ निम्नलिखित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी:





ट्रेनिंग हब: अत्याधुनिक आर्चरी ग्राउंड, उपकरण केंद्र और प्रशिक्षण कक्ष।
सुविधाएं: लाइब्रेरी, मेडिकल सेंटर, स्किल डेवलपमेंट सेंटर और कोच रूम।
आवास एवं अन्य: खिलाड़ियों के लिए वार्डन-गार्ड रूम, चेंजिंग रूम और नर्सरी।
संसाधन: अभ्यास के लिए आधुनिक उपकरण, परिवहन हेतु बस और रात में अभ्यास के लिए हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था।
परंपरा को मिलेगा आधुनिक तकनीक का साथ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जशपुर की माटी में खेल रचे-बसे हैं। विशेषकर पहाड़ी कोरवा समुदाय को जन्म से ही तीरंदाजी में निपुणता प्राप्त होती है। सरकार का लक्ष्य इस 'प्राकृतिक निपुणता' को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीक से जोड़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता तैयार करना है।
निविदा प्रक्रिया पूर्ण, जल्द शुरू होगा निर्माण
संबंधित विभाग के अनुसार, अकादमी निर्माण के लिए निविदा (Tender) प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही कार्य आदेश जारी कर धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जशपुर जिला पहले से ही खेल प्रतिभाओं की भूमि रहा है, और इस पहल से यहाँ की खेल संस्कृति को एक नई दिशा मिलेगी।
खिलाड़ियों और नागरिकों में हर्ष
इस घोषणा और भूमिपूजन के बाद खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण अंचलों तक खेल सुविधाओं के पहुंचने से अब जशपुर के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए अधिक सक्षम होंगे।
"यह अकादमी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी और जशपुर का नाम खेल जगत में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कराएगी।"





