निर्माण कार्यों में सुस्ती पर कलेक्टर सख्त: 'समय-सीमा में काम पूरा करें, गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं'

निर्माण कार्यों में सुस्ती पर कलेक्टर सख्त: 'समय-सीमा में काम पूरा करें, गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं'

जशपुरनगर | 07 जनवरी 2026

जशपुर जिले में बुनियादी ढांचे के विकास और जनसुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन (CGMSC) और हाउसिंग बोर्ड के निर्माण कार्यों की सघन समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि आम जनता से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य अधोसंरचना पर विशेष जोर

कलेक्टर ने CGMSC के माध्यम से निर्माणाधीन स्वास्थ्य परियोजनाओं की एक-एक कर समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए:

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सब हेल्थ सेंटर।

एमसीएच (MCH) यूनिट और वैक्सीन स्टोरेज यूनिट।

अस्पतालों में फायर फाइटिंग सिस्टम और मीटिंग हॉल का निर्माण।

कलेक्टर ने कहा: "इन परियोजनाओं का सीधा संबंध ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की चिकित्सा व्यवस्था से है। इनके पूर्ण होने से स्वास्थ्य सुविधाएं और अधिक मजबूत होंगी, इसलिए गुणवत्ता बनाए रखते हुए इन्हें जल्द हैंडओवर करें।"

हाउसिंग बोर्ड के कार्यों की निगरानी

हाउसिंग बोर्ड द्वारा जिले में तहसील भवन, मिनी स्टेडियम, छात्रावास, प्रशिक्षण केंद्र और परियोजना कार्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर ने इन कार्यों की प्रगति दर पर असंतोष जताते हुए नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि निर्माण एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि कोई भी प्रोजेक्ट बजट या समय के अभाव में न अटके।

बैठक की मुख्य बातें:

कड़ी चेतावनी: आधारभूत सुविधाओं के कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही के संकेत।

निरीक्षण के निर्देश: अधिकारियों को कार्यस्थल का नियमित दौरा कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

उपस्थिति: बैठक में सहायक कलेक्टर श्री अनिकेत अशोक सहित सीजीएमएससी और हाउसिंग बोर्ड के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष: कलेक्टर श्री रोहित व्यास की इस सख्ती से जिले में लंबित पड़े निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ नागरिकों को समय पर मिल सकेगा।