भ्रामक खबरों पर विराम: सीएम विष्णुदेव साय की पहल से बगीचा स्वास्थ्य केंद्र बना 100 बिस्तरों का आधुनिक अस्पताल
जशपुरनगर | 17 जनवरी 2026 बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने विराम लगा दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की क्षमता कम नहीं की गई है, बल्कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इसका विस्तार कर इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया गया है।


तथ्यों की कसौटी पर सच्चाई
विगत कुछ दिनों से यह प्रचार किया जा रहा था कि पूर्व सरकार ने इसे 100 बिस्तरीय घोषित किया था, लेकिन उद्घाटन केवल 30 बिस्तरों का हुआ। सीएमएचओ जशपुर ने तथ्यात्मक जानकारी देते हुए बताया:
वर्ष 2022 की स्थिति: उस समय शासन द्वारा केवल 30 बिस्तरीय भवन निर्माण की तकनीकी स्वीकृति दी गई थी, जिसकी लागत 243.72 लाख रुपये थी। यह स्वीकृति मात्र बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के लिए थी।
वर्ष 2024 का ऐतिहासिक निर्णय: प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए इसे 100 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में उन्नयन (Upgrade) करने का निर्णय लिया।
94 नए पदों की मिली स्वीकृति
अस्पताल केवल बिल्डिंग से नहीं, बल्कि स्टाफ से चलता है। इसी विजन के साथ मुख्यमंत्री ने उन्नयन के साथ-साथ 94 नए पदों को भी मंजूरी दी है। इसमें शामिल हैं:
विशेषज्ञ चिकित्सक (Specialist Doctors)
मेडिकल ऑफिसर
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ
सहायक एवं अन्य तकनीकी पद
"यह 94 पदों की स्वीकृति ही इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि बगीचा अस्पताल अब 30 नहीं, बल्कि पूर्ण रूप से 100 बिस्तरीय चिकित्सा सुविधा के रूप में कार्य करने के लिए तैयार है।"
— मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जशपुर
जनहितैषी सोच से बदली सूरत
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 100 बिस्तरीय अस्पताल को 30 बिस्तरीय बताने वाले दावे पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं। वास्तविकता यह है कि वर्तमान सरकार के निर्णायक नेतृत्व के कारण ही बगीचा क्षेत्र की जनता को अब अपने ही क्षेत्र में बेहतर, सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।





