जशपुर के सरडीह ने देश में गाड़ा झंडा: 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' श्रेणी में मिला भारत में तीसरा स्थान
जशपुरनगर | 31 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के एक छोटे से गांव सरडीह ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर समूचे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा सरडीह ग्राम पंचायत को 'स्वच्छ एवं हरित पंचायत' थीम के अंतर्गत वर्ष 2025 के लिए 'दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार' से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। इस श्रेणी में सरडीह ने पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।


कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने दी बधाई
इस ऐतिहासिक सफलता पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सरडीह की यह उपलब्धि अन्य पंचायतों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जनभागीदारी और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से सरडीह ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का एक आदर्श मॉडल पेश किया है।
क्यों मिला सरडीह को यह राष्ट्रीय सम्मान?
सरडीह ग्राम पंचायत (लगभग 454 घर), जहाँ विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय भी निवास करता है, ने विकास के कई मापदंडों पर उत्कृष्ट कार्य किया है:
- शत-प्रतिशत स्वच्छता: गांव के हर घर में शौचालय का उपयोग सुनिश्चित किया गया है। साथ ही सामुदायिक शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है।
- सौर ऊर्जा का उपयोग: गांव के 109 घरों में सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाए गए हैं। इसके अलावा गांव की गलियों को रोशन करने के लिए 12 सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित की गई हैं।
- प्रदूषण मुक्त रसोई: अधिकांश घरों में एलपीजी गैस का उपयोग हो रहा है, जिससे धुएं और वायु प्रदूषण में भारी कमी आई है।
- जल संरक्षण: जलस्तर बढ़ाने के लिए गांव में सोखता गड्ढों का निर्माण किया गया है, जिससे पानी की किल्लत दूर हुई है।
सप्ताह में एक दिन 'सामूहिक स्वच्छता अभियान'
सरडीह की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ की कार्यप्रणाली है। यहाँ स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि जीवनशैली है। सप्ताह में एक दिन स्वच्छताग्राही समूह और ग्रामीण मिलकर सामूहिक साफ-सफाई अभियान चलाते हैं।
आधुनिक खेती से बदली गांव की तस्वीर
सौर ऊर्जा और बेहतर जल प्रबंधन के कारण यहाँ के किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ आधुनिक कृषि अपना रहे हैं। ग्रामीण अब टमाटर, मिर्ची और खीरा जैसी उद्यानिकी फसलों की खेती कर रहे हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और गांव की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
"यह पुरस्कार सरडीह के ग्रामीणों की जागरूकता और उनकी मेहनत का परिणाम है। यह गौरव केवल एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे जशपुर जिले का है।"
सरडीह ग्राम पंचायत की यह सफलता साबित करती है कि यदि ग्रामीण सजग हों और शासन की योजनाओं का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो दूरस्थ अंचलों में भी विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है।





