सरपंच पति पर श्मशान की भूमि कब्जाने का आरोप, कोर्ट के आदेशों की अवहेलना से ग्रामीणों में आक्रोश
चंद्र भान यादव की कलम से
बगीचा (छिछली): विकासखंड के ग्राम छिछली (आर) में श्मशान घाट की शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को आवेदन सौंपकर गांव के ही एक प्रभावशाली व्यक्ति पर न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाने और सार्वजनिक श्मशान की जमीन को कब्जाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सरपंच पद के रसूख का दुरुपयोग?
प्रशासन को सौंपे गए शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि गांव के निवासी सावन भावन (पिता स्वर्गीय सोहन) ने अपनी पत्नी के वर्तमान में सरपंच होने का कथित प्रभाव दिखाते हुए श्मशान घाट की भूमि पर दोबारा कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कृत्य न केवल अनैतिक है बल्कि सीधे तौर पर कानून को चुनौती देने जैसा है।
क्या है पूरा मामला?
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, खसरा नंबर 222 और रकबा 25 डिसमिल की यह भूमि 'मद पानी' (श्मशान घाट) के रूप में दर्ज है। पूर्व में भी इस भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत हुई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने स्थगन आदेश (Stay Order) जारी किया था। इसके उपरांत, हल्का पटवारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था।
जेसीबी चलाकर रोका नाले का बहाव
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा कब्जा हटाए जाने के कुछ समय बाद ही उक्त व्यक्ति ने फिर से न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर दिया। आरोप है कि मौके पर जेसीबी मशीन लगवाकर पूरी भूमि को मिट्टी से पाट दिया गया है और वहां मेड़ बना दी गई है। इस प्रक्रिया में प्राकृतिक नाले के बहाव को भी रोक दिया गया है, जिससे क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति बिगड़ गई है और श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है।
यादव समाज और ग्रामीणों में भारी रोष
अतिक्रमण के कारण विशेष रूप से यादव समाज को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के दौरान भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुराने श्मशान पर इस तरह का कब्जा सार्वजनिक हितों पर खुला प्रहार है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आवेदन में मांग की गई है कि:
- न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) का मामला दर्ज हो।
- शासकीय भूमि पर दोबारा अतिक्रमण करने और प्राकृतिक नाला अवरुद्ध करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
- श्मशान की भूमि को तत्काल खाली कराकर ग्रामीणों के लिए सुलभ बनाया जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।




