कांसाबेल: ग्राम पंचायत के राजस्व पर गहराया संकट, दुकानदारों और व्यापारियों ने साधी चुप्पी

कांसाबेल: ग्राम पंचायत के राजस्व पर गहराया संकट, दुकानदारों और व्यापारियों ने साधी चुप्पी

कर भुगतान में लापरवाही: न संपत्ति कर जमा हो रहा, न व्यापार कर; पंचायत की दुकानों का किराया भी महीनों से बकाया

कांसाबेल | नगर के विकास और मूलभूत सुविधाओं को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी उठाने वाली कांसाबेल ग्राम पंचायत इन दिनों भारी वित्तीय संकट के मुहाने पर खड़ी है। इसका मुख्य कारण स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों द्वारा करों (Taxes) का भुगतान न करना है। विडंबना यह है कि पंचायत की दुकानों में व्यवसाय कर रहे लोग भी महीनों से किराया दबाकर बैठे हैं।

राजस्व वसूली ठप, विकास कार्यों पर ब्रेक

​पंचायत सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांसाबेल क्षेत्र में संपत्ति कर (Property Tax) और व्यापार कर (Trade Tax) की वसूली का ग्राफ पिछले काफी समय से नीचे गिरा है। कई बड़े व्यापारियों और रसूखदारों ने सालों से अपने कर का निपटान नहीं किया है। पंचायत के पास आय का सीमित जरिया होने के कारण, इस वसूली में आ रही बाधा से सफाई, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

किराएदारों की मनमानी

​सबसे गंभीर स्थिति पंचायत के स्वामित्व वाली दुकानों की है। मुख्य बाजार और प्राइम लोकेशन पर स्थित इन दुकानों का किराया नाममात्र होने के बावजूद दुकानदार भुगतान करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कई दुकानदारों का किराया लंबे समय से लंबित है, जिससे पंचायत को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।

हो सकती है सख्त कार्रवाई

​पंचायत प्रशासन का कहना है कि बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। यदि जल्द ही बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो पंचायत सख्त रुख अपना सकती है। इसमें निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:

    • दुकानों को सील करना: लंबे समय से किराया न देने वालों की दुकानें खाली कराई जा सकती हैं।
    • बकाया सूची का प्रकाशन: सार्वजनिक स्थानों पर बकाएदारों के नाम प्रदर्शित किए जा सकते हैं।
    • कानूनी कार्रवाई: पंचायत राज अधिनियम के तहत कुर्की या अन्य कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

"पंचायत क्षेत्र का विकास तभी संभव है जब नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझें। कर और किराया पंचायत की व्यक्तिगत आय नहीं, बल्कि जनता की सुविधाओं के लिए उपयोग होने वाली राशि है। बकाया न चुकाने वालों पर अब नियमनुसार कार्रवाई की जाएगी।"

पंचायत प्रतिनिधि, कांसाबेल

निष्कर्ष: अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन कितनी तत्परता दिखाता है और क्या कांसाबेल के व्यापारी व निवासी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए बकाया राशि जमा करते हैं।