महनई में बिजली संकट: जर्जर तारों ने बढ़ाई मुसीबत, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण

महनई में बिजली संकट: जर्जर तारों ने बढ़ाई मुसीबत, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरसे ग्रामीण

चंद्र यादव की कलम से 


महनई (जशपुर): महनई क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बिजली की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। यहाँ विद्युत विभाग की लापरवाही और जर्जर तारों के कारण पूरा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। आलम यह है कि बिजली न होने से नल-जल योजना और व्यक्तिगत पंप ठप पड़ गए हैं, जिससे ग्रामीण भीषण गर्मी में पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं।
बार-बार टूट रहे तार, पूरा सिस्टम हुआ खाक
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लगे बिजली के तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। आए दिन तार टूटकर गिर जाते हैं, जिससे न केवल बिजली गुल होती है बल्कि बड़े हादसे का डर भी बना रहता है। वर्तमान में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि अधिकांश केबल जलकर खाक हो चुके हैं। अब मरम्मत के नाम पर लीपापोती संभव नहीं है, यहाँ तत्काल नए केबल लगाने की आवश्यकता है।
पानी की समस्या ने किया बेहाल
बिजली गुल होने का सबसे बुरा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। बिजली के अभाव में पानी की टंकियां नहीं भर पा रही हैं। ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्हें पीने के पानी के लिए मीलों दूर भटकना पड़ रहा है। मवेशियों के लिए भी पानी जुटाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
विभाग की चुप्पी से आक्रोश
ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि विभाग केवल आश्वासन देता है, जबकि धरातल पर तार अब भी टूटे हुए हैं।
"पूरा तार जल चुका है और बार-बार टूटने की वजह से लाइट नहीं आ रही है। तत्काल नया तार लगाने की जरूरत है ताकि पानी की समस्या दूर हो सके।" — महनई निवासी
ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि तत्काल नए केबल बिछाकर बिजली बहाल की जाए, अन्यथा ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।