जशपुर का अनूठा नवाचार: बिना बिजली-ईंधन 100 एकड़ खेतों में पहुंचेगा पानी, 'पोंगरो एनीकट' बना मिसाल

जशपुर का अनूठा नवाचार: बिना बिजली-ईंधन 100 एकड़ खेतों में पहुंचेगा पानी, 'पोंगरो एनीकट' बना मिसाल

जशपुरनगर | 7 फरवरी 2026 छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले ने सिंचाई के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कांसाबेल ब्लॉक के ग्राम पंचायत पोंगरो में घुघरी नदी पर सरगुजा संभाग की पहली 'हाईड्रो पावर पम्पिंग योजना' का कार्य पूर्ण हो चुका है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें सिंचाई के लिए न तो बिजली की जरूरत है और न ही डीजल, पेट्रोल या सौर ऊर्जा की। यह पूरी तरह से नदी के जल प्रवाह (Water Flow) से संचालित है।

शून्य कार्बन उत्सर्जन: प्रकृति से ही होगा प्रकृति का पोषण

​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में तैयार यह प्रोजेक्ट 'जीरो कार्बन उत्सर्जन' का बेहतरीन उदाहरण है। इसमें केवल नदी के प्राकृतिक बहाव से टरबाइन चलाकर पानी को ऊपर चढ़ाया जाता है।

  • तकनीकी सहयोग: भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के डॉ. पुनीत सिंह।
  • कार्यप्रणाली: एनीकट से 100 मीटर दूर स्थापित टरबाइन पम्प नदी तल से 12 मीटर ऊंचाई तक पानी लिफ्ट करता है।
  • क्षमता: वितरण टंकी में 17 लीटर प्रति सेकंड की दर से पानी का भंडारण।

किसानों की खुशहाली का नया मार्ग

​इस योजना से पोंगरो क्षेत्र के लगभग 50 किसान परिवारों की तकदीर बदलेगी।

    • सिंचाई का दायरा: 100 एकड़ रबी फसल और 40 एकड़ ग्रीष्मकालीन (जायद) फसल।
    • लागत और अभिसरण: ₹2.68 करोड़ की लागत से निर्मित यह प्रोजेक्ट जिला खनिज न्यास निधि (DMF), मनरेगा और जल संसाधन विभाग के तकनीकी समन्वय का परिणाम है।

​"यह परियोजना न केवल किसानों के लिए लाभकारी है, बल्कि भविष्य में पूरे प्रदेश के लिए हरित विकास का एक मॉडल बनेगी।"

श्री रोहित व्यास, कलेक्टर, जशपुर

जल्द होगा मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण

​हाल ही में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय एवं कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने परियोजना का बारीकी से निरीक्षण किया। प्रोजेक्ट अब पूरी तरह तैयार है और जल्द ही मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा इसका औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। पक्की नहरों और नालियों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली गई है।