कांसाबेल से जांजगीर रवाना हुए प्रगतिशील किसान: जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर मेले के लिए किया विदा
कांसाबेल/जांजगीर-चांपा। कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को सीखने और उन्नत खेती के तौर-तरीकों से रूबरू होने के लिए कांसाबेल क्षेत्र के किसानों का एक जत्था जांजगीर-चांपा के लिए रवाना हुआ। 'जाज्वलयदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026' में शामिल होने के लिए आज दिनांक 12 फरवरी 2026 को रात्रि 09:30 बजे कांसाबेल से किसानों की बस को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाई गई।
इन प्रगतिशील किसानों का जत्था हुआ रवाना
क्षेत्र के जिन प्रमुख किसानों को इस मेले के लिए रवाना किया गया है, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
- विश्वनाथ साय (सुजीबहार)
- कमलेश्वर साय (चेटबा)
- दिलेश्वर साय (पोंगरो)
- श्रीराम भगत (दोकड़ा)
- विशाल राम भगत (दोकड़ा)
- रामनन्दन साय पैंकरा (पोंगरो)
- राजकिशोर साय (सुजीबहार)
- अर्जुन राम भगत (दोकड़ा)
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह
किसानों के इस दल को जनप्रतिनिधि श्री सुनील गुप्ता जी, श्री सुदामा पंडा जी एवं श्री अंशु जैन जी ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को मेले से अधिक से अधिक जानकारी बटोरने और उसे अपने खेतों में लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग कांसाबेल से वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (SADO) नरोत्तम यादव, कृषि विकास अधिकारी (ADO) डी.के. गुप्ता, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) प्रेमदीप तिर्की, श्रीमती वंदना पैंकरा एवं कु. नम्रता तिर्की विशेष रूप से उपस्थित रहे।

जांजगीर में सजेगा आधुनिकता का मेला
जांजगीर के स्थानीय हाईस्कूल मैदान में आयोजित इस तीन दिवसीय (11 से 13 फरवरी) भव्य मेले में आधुनिक कृषि यंत्रों का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है। कांसाबेल से गए किसान मेले के अंतिम दिन यानी 13 फरवरी को 'कृषक संगोष्ठी' में भाग लेंगे, जहाँ उन्हें निम्नलिखित विषयों पर विशेषज्ञ जानकारी मिलेगी:
- कृषि यंत्रों का जीवंत प्रदर्शन: नई मशीनों का खेतों में उपयोग।
- पशुपालन विकास: दुधारू पशु, बकरी, मुर्गी और सुअर पालन की उन्नत विधियां।
- तकनीकी चर्चा: विशेषज्ञों के साथ सीधा संवाद और समस्याओं का समाधान।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य
संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार प्रदेश भर से किसानों को इस मेले में आमंत्रित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती से ऊपर उठाकर आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और उन्नत पशुपालन से जोड़ना है, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके और खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सके।





