सरस्वती शिशु मंदिर कांसाबेल में हर्षोल्लास के साथ मना बसंत पंचमी उत्सव, नन्हे मुन्नों का हुआ 'विद्यारम्भ' संस्कार

सरस्वती शिशु मंदिर कांसाबेल में हर्षोल्लास के साथ मना बसंत पंचमी उत्सव, नन्हे मुन्नों का हुआ 'विद्यारम्भ' संस्कार

कांसाबेल। ज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य उत्सव 'बसंत पंचमी' का पर्व विकासखंड मुख्यालय स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में अत्यंत गरिमामय और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में माँ सरस्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई, जिसमें आचार्य परिवार, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

गुरुकुल परंपरा से हुआ विद्यारम्भ

पूजा-अर्चना के उपरांत विद्यालय में प्राचीन भारतीय गुरुकुल परंपरा का जीवंत दृश्य देखने को मिला। यहाँ 'विद्यारम्भ' संस्कार का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नर्सरी के नए बच्चों का शाला में विधिवत प्रवेश कराया गया। नन्हे बच्चों ने अपनी पट्टी (स्लेट) पर अक्षर उकेर कर अपनी शिक्षा यात्रा का मांगलिक शुभारंभ किया।

नए सत्र में प्रवेश निःशुल्क

विद्यालय प्रबंधन द्वारा इस अवसर पर एक बड़ी घोषणा भी की गई। आगामी मार्च माह से शुरू होने वाले नए शिक्षण सत्र में नर्सरी के बच्चों के लिए प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। प्रबंधन का उद्देश्य क्षेत्र के अधिक से अधिक बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा से जोड़ना है।

भंडारे के साथ हुआ समापन

बसंत पंचमी के इस पावन पर्व पर विद्यालय समिति द्वारा विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। पूजा के पश्चात उपस्थित सभी अतिथियों, पालकों और विद्यार्थियों ने सप्रेम प्रसाद ग्रहण किया। पीले वस्त्रों और पीले फूलों से सजे विद्यालय परिसर में चारों ओर आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण निर्मित रहा।

मुख्य आकर्षण:

माँ सरस्वती की भव्य पूजा-अर्चना।

नर्सरी के बच्चों का शाला प्रवेश (विद्यारम्भ)।

नए सत्र (मार्च) में निःशुल्क प्रवेश की घोषणा।

श्रद्धालुओं और बच्चों के लिए भंडारे का आयोजन।