जशपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोतबा को दी ₹51.73 करोड़ की सौगात, 28 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
जशपुरनगर | 24 जनवरी 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत कोतबा में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए पिटारा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने कुल 51 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत वाले 28 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।



बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार: मुख्यमंत्री
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की मुख्यधारा को पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुदूर आदिवासी अंचलों में बेहतर बुनियादी ढांचा, सुगम यातायात और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
₹27.24 करोड़ के 19 कार्यों का भूमिपूजन (शिलान्यास)
मुख्यमंत्री ने भविष्य की योजनाओं के लिए आधारशिला रखी, जिसमें प्रमुख कार्य शामिल हैं:
स्वास्थ्य: कोतबा में 50 बिस्तरीय नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण।
खेल व शिक्षा: ग्राम दोकड़ा में मिनी स्टेडियम और विभिन्न क्षेत्रों में कन्या आश्रम व छात्रावास का निर्माण।
अधोसंरचना: लोक निर्माण विभाग और सेतु निर्माण द्वारा पुलिया, उच्चस्तरीय पुल एवं विभिन्न पहुंच मार्गों का निर्माण।
भवन: उद्यान रोपणी कार्यालय और परियोजना कार्यालय सह संसाधन केंद्र भवन।
₹24.49 करोड़ के 9 कार्यों का लोकार्पण (उद्घाटन)
क्षेत्र को समर्पित किए गए कार्यों में मुख्य हैं:
राजस्व एवं प्रशासन: बागबहार में नवनिर्मित तहसील कार्यालय भवन का शुभारंभ।
महिला सशक्तिकरण: लुड़ेग में नवनिर्मित 'महतारी सदन' का लोकार्पण।
पेयजल: कोतबा जल आवर्धन योजना, जिससे पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा।
सड़कें: विभिन्न ग्रामीण एवं मुख्य सड़कों का मजबूतीकरण और सी.सी. रोड निर्माण।
दूरगामी प्रभाव: स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी को बल
विशेष रूप से कोतबा में 50 बिस्तरीय अस्पताल बनने से स्थानीय ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं, नई सड़कों और पुलों के निर्माण से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए।
कार्यक्रम में भारी संख्या में स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।





