फरसाबहार की महिलाएं बनेंगी 'लखपति दीदी': आधुनिक मत्स्य पालन की बारीकियां सीख आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम
जशपुरनगर | 21 फरवरी 2026 विकासखंड फरसाबहार में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। स्व-सहायता समूह की 25 महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने के लक्ष्य के साथ मत्स्य विभाग के सहयोग से एक्सपोजर विजिट (भ्रमण कार्यक्रम) कराया गया, जहाँ उन्होंने आधुनिक मत्स्य पालन की उन्नत तकनीकों को करीब से समझा।
तकनीकी ज्ञान से बदलेगी तकदीर
जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित इस दौरे में महिलाओं को परंपरागत मछली पालन से हटकर आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों की जानकारी दी गई। समूह की सदस्यों ने निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया:
- केज कल्चर और पोंड लाइनिंग: तालाबों के बेहतर प्रबंधन और आधुनिक ढांचों का उपयोग।
- उन्नत प्रजातियां: तेलापिया और पंगास जैसी बारहमासी मछली प्रजातियों का वैज्ञानिक पालन।
- प्रबंधन: सही आहार, बीज चयन और बाजार की उपलब्धता के गुर।
प्रशासनिक तालमेल और विजन
यह कार्यक्रम जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका) श्री गया प्रसाद चौरसिया के समन्वय और मत्स्य विभाग के तकनीकी सहयोग से संपन्न हुआ। मौके पर जनपद सीईओ श्री मिथलेश पैंकरा और मत्स्य निरीक्षक श्री रवि पैंकरा ने महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
आत्मनिर्भरता का संकल्प
विजिट के दौरान बिहान समूह की महिलाओं ने गहरी रुचि दिखाते हुए संकल्प लिया कि वे आगामी सीजन में वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर मत्स्य पालन शुरू करेंगी। महिलाओं का मानना है कि इन आधुनिक तकनीकों से उनकी आय में भारी वृद्धि होगी, जिससे वे अपने परिवार और क्षेत्र के विकास में बेहतर योगदान दे सकेंगी।


