जशपुर के जंगलों में 40 हाथियों की दस्तक: वन विभाग हाई अलर्ट पर, गश्ती और मुनादी से रखी जा रही पैनी नज़र
जशपुरनगर ।
जशपुर वनमंडल में हाथियों की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह सतर्क मोड पर है। वर्तमान में जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में कुल 40 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथी-मानव द्वंद्व को रोकने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा विशेष रणनीति के तहत निगरानी की जा रही है।

रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) तैनात, रात भर हो रही गश्ती
वन मंडल के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथी गश्ती टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें न केवल दिन में, बल्कि संवेदनशील इलाकों में पूरी रात गश्ती कर रही हैं। वन अमले के साथ-साथ रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) हाथियों की लोकेशन, उनके व्यवहार और मूवमेंट की पल-पल की जानकारी ले रही है।
आधुनिक माध्यमों से ग्रामीणों को किया जा रहा सतर्क
संभावित खतरों को देखते हुए वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए बहुस्तरीय संचार प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है:
मुनादी: गांवों में ढोल बजाकर मुनादी करवाई जा रही है।
डिजिटल अलर्ट: मोबाइल संदेशों के माध्यम से हाथियों की वर्तमान लोकेशन साझा की जा रही है।
जनसंपर्क: ग्राम स्तर पर विभाग के कर्मचारी सीधे लोगों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा के उपाय बता रहे हैं।
डीएफओ की अपील: हाथियों से दूरी बनाए रखें
डीएफओ श्री शशि कुमार ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि:
हाथियों के करीब जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करें।
रात के समय जंगलों या एकांत रास्तों पर अनावश्यक आवागमन से बचें।
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय वन विभाग या RRT टीम को सूचित करें।
"वन विभाग द्वारा निरंतर निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया (Quick Response) के माध्यम से जन-धन की हानि को शून्य करने का प्रयास किया जा रहा है। जन-जागरूकता इस दिशा में हमारा सबसे बड़ा हथियार है।" — श्री शशि कुमार, डीएफओ, जशपुर





