जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: फिटनेस सर्टिफिकेट के नाम पर अवैध वसूली, भृत्य और चौकीदार निलंबित
जशपुरनगर | 07 जनवरी 2026
जशपुर जिला चिकित्सालय में भ्रष्टाचार और अनियमितता के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस विभाग में भर्ती के लिए आए अभ्यर्थियों से फिटनेस प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर अवैध रूप से पैसों की मांग करने वाले दो कर्मचारियों को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
पुलिस भर्ती के अभ्यर्थियों से मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल में पदस्थ भृत्य श्री सुबोध राम और चौकीदार श्री राजू यादव पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस विभाग के अभ्यर्थियों से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के एवज में अवैध राशि की मांग की थी। मामला सामने आने के बाद विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का गंभीर उल्लंघन माना।
निलंबन और मुख्यालय में बदलाव
CMHO द्वारा जारी आदेश के अनुसार, दोनों कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्यवाही की गई है:
सुबोध राम (भृत्य): निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फरसाबहार तय किया गया है।
राजू यादव (चौकीदार): इनका मुख्यालय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बगीचा नियत किया गया है।
दोनों ही कर्मचारियों को निलंबन की अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
प्रशासन की चेतावनी: भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस कार्यवाही के माध्यम से कड़ा संदेश दिया है कि शासकीय सेवाओं में भ्रष्ट आचरण और आम जनता को परेशान करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी यदि किसी कर्मचारी के विरुद्ध इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो कठोरतम अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
नोट: जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों और नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी शासकीय सेवा के लिए बिचौलियों या भ्रष्ट कर्मचारियों के झांसे में न आएं और ऐसी घटनाओं की तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दें।





