मुख्यमंत्री की सौगात: जशपुर में 'संजीवनी एक्सप्रेस' बनी जीवनदायिनी, एक वर्ष में 10 हजार से अधिक लोगों की बची जान

मुख्यमंत्री की सौगात: जशपुर में 'संजीवनी एक्सप्रेस' बनी जीवनदायिनी, एक वर्ष में 10 हजार से अधिक लोगों की बची जान

जशपुरनगर | 07 जनवरी 2026

​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का कायाकल्प हो रहा है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है। विशेष रूप से 'डायल 108 संजीवनी एक्सप्रेस' जिले के शहरी और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में एक भरोसेमंद जीवन रेखा के रूप में उभरी है।

वर्ष 2025 के आंकड़े: सेवा और समर्पण की मिसाल

​संजीवनी एक्सप्रेस 108 के जिला प्रबंधक दीपक साहू द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते वर्ष 2025 में जिले के कुल 10,114 मरीजों को आपातकालीन सेवाएं प्रदान की गईं। इनमें शामिल हैं:

  • सड़क दुर्घटनाएं और गंभीर बीमारियां: समय पर अस्पताल पहुँचाकर सैकड़ों लोगों की जान बचाई गई।
  • सर्पदंश और हृदयाघात: दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित पहुँच सुनिश्चित कर तत्काल उपचार शुरू किया गया।
  • मातृ-शिशु सुरक्षा: साल भर में 572 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया गया। कई चुनौतीपूर्ण मामलों में एंबुलेंस के भीतर ही प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा सफल प्रसव कराकर जच्चा-बच्चा की जान बचाई गई।

10 नई एंबुलेंसों से बढ़ी रफ्तार

​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा जिले को दी गई 10 अतिरिक्त संजीवनी एक्सप्रेस की सौगात के बाद अब जिले में कुल 24 एंबुलेंस तैनात हैं। इन वाहनों की संख्या बढ़ने से 'रिस्पॉन्स टाइम' (सूचना मिलने और पहुँचने के बीच का समय) में भारी कमी आई है। अब जिले के सबसे दूरस्थ और पहाड़ी अंचलों में भी आपातकालीन सहायता चंद मिनटों में पहुँच रही है।

आधुनिक उपकरणों से लैस 'चलता-फिरता अस्पताल'

​जिलेवासियों का कहना है कि संजीवनी एक्सप्रेस केवल एक वाहन नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता अस्पताल है। इसमें मौजूद आधुनिक जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ किसी भी आपात स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।

ग्रामीणों का फीडबैक: "मुख्यमंत्री जी की इस पहल से अब आधी रात को भी अस्पताल पहुँचने की चिंता खत्म हो गई है। डायल 108 पर कॉल करते ही मदद द्वार पर खड़ी होती है।"