कलेक्टर जनदर्शन: "शिकायतों का निराकरण केवल समयबद्ध नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण भी हो" - कलेक्टर श्री रोहित व्यास

कलेक्टर जनदर्शन: "शिकायतों का निराकरण केवल समयबद्ध नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण भी हो" - कलेक्टर श्री रोहित व्यास

जशपुरनगर | 5 जनवरी 2026 जिला प्रशासन जशपुर नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में आज कलेक्टोरेट कार्यालय में आयोजित 'जनदर्शन' कार्यक्रम में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने आम जनता से सीधा संवाद किया और विभागीय अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

आम नागरिकों से सीधा संवाद

​प्रत्येक सोमवार की तरह आयोजित इस जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी मांगें और शिकायतें कलेक्टर के समक्ष रखीं। श्री व्यास ने एक-एक कर आवेदकों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनदर्शन का मुख्य उद्देश्य आम आदमी को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाना और उन्हें त्वरित न्याय दिलाना है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

​कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित विभागीय अधिकारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  • समय सीमा का पालन: सभी प्राप्त प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए।
  • गुणवत्ता और पारदर्शिता: शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर न होकर धरातल पर गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होना चाहिए।
  • फीडबैक तंत्र: आवेदकों को उनके आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी समय पर दी जाए, ताकि उन्हें समाधान की स्थिति स्पष्ट रहे।
  • संवेदनशीलता: जनसुविधाओं और बुनियादी जरूरतों से जुड़े मामलों में विशेष जवाबदेही के साथ कार्य करें।

प्रमुख रूप से आए ये मामले

​आज के जनदर्शन में जिले भर से आए आवेदनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे छाए रहे:

  1. राजस्व मामले: भूमि सीमांकन, नामांतरण और बटांकन से संबंधित प्रकरण।
  2. बुनियादी सुविधाएं: स्वच्छता, साफ-सफाई और ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण की मांग।
  3. आजीविका एवं योजनाएं: शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने और स्वरोजगार से जुड़े आवेदन।

बेहतर समन्वय से समाधान की कोशिश

​जिला प्रशासन विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। कलेक्टर ने बल दिया कि जनदर्शन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का डेटाबेस तैयार कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।