जशपुर कांसाबेल में गरजा 'विपक्ष': कांग्रेस का हल्लाबोल, NH-43 की बदहाली और महंगाई पर घेरी 'डबल इंजन' सरकार
जशपुर कांसाबेल: बढ़ती महंगाई और बदहाल बुनियादी ढांचों के मुद्दे पर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। नगर के बस स्टैंड स्थित मंच पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ एक दिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने 'डबल इंजन' की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जमकर प्रहार किए और चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा।

महंगाई और सरकारी विफलता पर तीखे बाण
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं प्रदेश कांग्रेस महामंत्री एवं जिला पंचायत सदस्य (DDC) आरती सिंह ने सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जनता महंगाई की चक्की में पिस रही है और शासन-प्रशासन जमीनी हकीकत से मुंह मोड़े बैठा है। सभा को संबोधित करते हुए हंसराज अग्रवाल और अजित साय ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि जनता अब बदलाव की ओर देख रही है।
NH-43: विकास का 'गड्ढा' या जनता की मुसीबत?
प्रदर्शन के दौरान नेशनल हाईवे-43 की खस्ताहाली का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि शर्मा ने शासन को सीधी चेतावनी देते हुए कहा:
"बरसात सिर पर है और कुनकुरी से बनगांव के बीच नेशनल हाईवे लंबी खाई में तब्दील हो चुका है। काम बंद पड़ा है और लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। अगर प्रशासन ने समय रहते संज्ञान नहीं लिया, तो हम उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।"

शक्ति प्रदर्शन में जुटे दिग्गज
इस प्रदर्शन में कांग्रेस ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अभिमन्यु सिदार, जिला सचिव विजय यादव, महामंत्री हंसराज अग्रवाल, पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष मुकेश गुप्ता, और युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजित साय सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी तिर्की, अल्पसंख्यक उपाध्यक्ष रनवीर सिंह भाटिया, और मीडिया प्रभारी अंकित गोयल ने भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
सियासी गलियारों में चर्चा: क्या रंग लाएगा यह प्रदर्शन?
पत्रकारिता दृष्टिकोण: प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस अब पूरी तरह से 'आक्रामक विपक्ष' की भूमिका में नजर आ रही है। कांसाबेल का यह धरना न केवल स्थानीय समस्याओं को उठाने का प्रयास था, बल्कि सत्तासीन भाजपा के लिए एक राजनीतिक चुनौती भी। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या महज धरना-प्रदर्शन से NH-43 की तस्वीर बदलेगी या महंगाई पर लगाम लगेगी? फिलहाल, कांग्रेस के इस 'हल्लाबोल' ने सत्ता के गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।
प्रमुख उपस्थित जन:
मार्सेल एक्का, रेमिस तिर्की, हर्षविजय, रविन्द्र चौहान, ओमप्रकाश यादव, सूरजनाथ विश्वकर्मा, पुष्पा कुजूर, विवेक खाखा, मधुरिमा, अरुणा खेस सहित सैकड़ों कार्यकर्ता।


