जशपुर: कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त रुख; लापरवाह छात्रावास अधीक्षकों पर गिरेगी गाज, NH अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी

जशपुर: कलेक्टर रोहित व्यास का सख्त रुख; लापरवाह छात्रावास अधीक्षकों पर गिरेगी गाज, NH अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी

उप-हेडिंग: निजी अस्पतालों को निर्देश: हर माह की 9 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जाँच अनिवार्य

जशपुर। जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सोमवार को साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में जिले की व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने विशेष रूप से आश्रम और छात्रावासों की सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर देते हुए नोडल अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के आदेश दिए हैं।

छात्रावासों की होगी 'सर्जिकल' जांच:

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि बालक-बालिका छात्रावासों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी अब केवल औपचारिकता नहीं निभाएंगे। उन्हें भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा, साफ-सफाई और बुनियादी ढांचे (दरवाजे-खिड़की) की विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही, यह भी जांचा जाएगा कि अधीक्षक रात्रि में छात्रावास में निवास करते हैं या नहीं। सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले अधीक्षकों पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।

NH अधिकारी की अनुपस्थिति पर नाराजगी:

बैठक में नेशनल हाईवे (NH) के अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और उन्हें तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए। सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचों की समीक्षा के दौरान उन्होंने बंदरचुआं बस स्टैंड, दिव्यांग स्कूल और बगीचा के मंगल भवन जैसे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा।

निजी अस्पतालों के लिए नई गाइडलाइन:

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी निजी अस्पताल हर माह की 9 और 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी और स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।