जशपुर: बालिकाओं को सिखाए कानूनी अधिकार, 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत स्वच्छता पर भी दिया जोर

जशपुर: बालिकाओं को सिखाए कानूनी अधिकार, 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत स्वच्छता पर भी दिया जोर

जशपुर | 22 मार्च 2026 जशपुर जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशानुसार और जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अजय शर्मा के मार्गदर्शन में, महिला एवं बाल विकास विभाग के 'महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब)' द्वारा यह कार्यक्रम लाइवलीहुड कॉलेज में आयोजित हुआ।

कानूनी अधिकारों की मिली विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम में मुख्य रूप से बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग किया गया। महिला संरक्षण अधिकारी ने छात्राओं को निम्नलिखित महत्वपूर्ण अधिनियमों के बारे में विस्तार से बताया:

कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013: कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के उपाय।

घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम 2005: घर के भीतर होने वाली हिंसा के विरुद्ध कानूनी प्रावधान।

हिंसा के प्रकार: शारीरिक, लैंगिक, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक हिंसा की पहचान और बचाव।

विभागीय योजनाओं से कराया अवगत

जिला मिशन समन्वयक ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और उनकी शिक्षा-सुरक्षा अनिवार्य है। इसके साथ ही अन्य प्रमुख योजनाओं की जानकारी दी गई:

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं महतारी वंदन योजना।

नोनी सुरक्षा और सुकन्या समृद्धि योजना।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल विवाह व बाल श्रम के विरुद्ध कानून।

सखी वन स्टॉप सेंटर: एक छत के नीचे सभी सुविधाएं

केन्द्र प्रशासक ने सखी वन स्टॉप सेंटर की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यहाँ हिंसा से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता, कानूनी सलाह और मनोवैज्ञानिक परामर्श एक ही स्थान पर प्रदान किया जाता है।

प्रतियोगिता और स्वच्छता जागरूकता

जागरूकता के साथ-साथ छात्राओं के उत्साहवर्धन के लिए रंगोली और क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस दौरान:

विजेता छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

स्वच्छता और मासिक धर्म प्रबंधन पर चर्चा की गई।

कुल 55 छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें सेनेटरी पैड और जानकारीपरक पैम्फलेट वितरित किए गए।

इस कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को न केवल कानूनी रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया गया, बल्कि उनके स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति भी सजगता फैलाई गई।

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