सफलता की कहानी: मुद्रा लोन ने बदली किस्मत, जशपुर की प्रीति गुप्ता बनीं 'लखपति दीदी'
सालाना 2.50 लाख की आय के साथ गांव की महिलाओं के लिए बनीं मिसाल; मुख्यमंत्री और बिहान योजना का जताया आभार
जशपुरनगर | 16 फरवरी 2026 जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के एक छोटे से गांव बुढाडांड की रहने वाली प्रीति गुप्ता आज महिला सशक्तिकरण का चेहरा बन चुकी हैं। कभी छोटे स्तर पर काम शुरू करने वाली प्रीति आज 'लखपति दीदी' के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं, जिनकी सालाना आय अब लगभग 2.50 लाख रुपए तक पहुंच गई है।

मुद्रा लोन से मिली व्यापार को नई उड़ान
लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति गुप्ता ने बताया कि उनके सपनों को पंख तब मिले जब उन्हें 01 लाख रुपए का मुद्रा लोन प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता की मदद से उन्होंने 'दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान' की शुरुआत की।
"शुरुआत में डर था, लेकिन मुद्रा लोन ने वो आधार दिया जिससे मैं अपना व्यापार खड़ा कर पाई। आज मेरी दुकान में सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घर की हर जरूरत का सामान उपलब्ध है।"
— प्रीति गुप्ता
कड़ी मेहनत और ग्राहकों की समझ ने बनाया सफल
प्रीति ने केवल दुकान नहीं खोली, बल्कि ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए धीरे-धीरे अपने स्टॉक का विस्तार किया। उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा है कि आज उनकी दुकान गांव की सबसे प्रमुख दुकानों में से एक मानी जाती है। अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए वे अब प्रतिवर्ष 2.50 लाख रुपए का शुद्ध लाभ कमा रही हैं।
'बिहान' और सरकार का मिला साथ
अपनी सफलता का श्रेय प्रदेश सरकार और 'बिहान' योजना को देते हुए प्रीति ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाओं की बदौलत ही आज ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो पा रही हैं।
मुख्य उपलब्धियां एक नजर में:
योजना का लाभ: मुद्रा लोन (1 लाख रुपए)।
वर्तमान आय: सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए।
व्यवसाय: सौंदर्य प्रसाधन एवं किराना सामग्री।
प्रेरणा: गांव की अन्य महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता की मिसाल।
आज प्रीति गुप्ता के चेहरे का आत्मविश्वास यह बताने के लिए काफी है कि यदि संकल्प और सही सरकारी सहयोग मिले, तो कोई भी सपना छोटा नहीं होता।





