शासकीय योजनाओं के लाभ हेतु 'किसान आईडी कार्ड' अनिवार्य, कलेक्टर ने की जल्द पंजीयन कराने की अपील
जशपुरनगर | 03 फरवरी 2026
भारत सरकार की 'एग्रीस्टेक' (AgriStack) पहल के तहत अब किसानों के लिए डिजिटल पहचान पत्र बनाना अनिवार्य हो गया है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे भविष्य में कृषि योजनाओं का निर्बाध लाभ लेने के लिए अपना 'डिजिटल किसान आईडी कार्ड' जल्द से जल्द बनवाएं।
कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस संबंध में व्यापक जागरूकता फैलाएं और किसानों को कार्ड बनवाने में हर संभव तकनीकी सहयोग प्रदान करें।
किसान आईडी कार्ड के प्रमुख लाभ
डिजिटल किसान आईडी कार्ड बन जाने से किसानों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा:
- समर्थन मूल्य पर धान विक्रय: सेवा सहकारी समितियों में धान बेचने हेतु।
- वित्तीय लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और कृषि ऋण की प्राप्ति।
- बीमा एवं अनुदान: फसल बीमा योजना और कृषि उपकरणों पर मिलने वाले शासकीय अनुदान हेतु।
- डिजिटल रिकॉर्ड: कृषि संबंधी समस्त डेटा का एक ही स्थान पर सुरक्षित होना।
कैसे बनवाएं अपना डिजिटल कार्ड?
किसान अपना डिजिटल किसान आईडी कार्ड बनवाने के लिए अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSCs) पर जाकर संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेज अनिवार्य हैं:
- बी-1 (B-1) की प्रति
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP वेरिफिकेशन हेतु)
कलेक्टर श्री व्यास ने जोर देकर कहा कि डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने और बिचौलियों की समस्या को खत्म करने की दिशा में यह कार्ड एक क्रांतिकारी कदम है।





