जशपुर में 77वें गणतंत्र दिवस की धूम: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फहराया तिरंगा, शहीदों के परिजनों का किया सम्मान
जशपुरनगर | 26 जनवरी 2026 जशपुर जिले में 77वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति और भारी उत्साह के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय के रणजीता स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन कर जिलेवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।













शहीदों के प्रति कृतज्ञता और आत्मीय मिलन
समारोह का सबसे भावुक क्षण वह था जब मंत्री श्री जायसवाल ने 56 शहीद जवानों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों का हाल-चाल जाना और उन्हें शॉल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शांति के प्रतीक रंगीन गुब्बारे भी आसमान में छोड़े गए।
उत्कृष्ट कार्य हेतु 141 अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 25 विभिन्न विभागों के लगभग 141 अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इनमें राजस्व, पुलिस, वन, स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग शामिल रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों में दिखा टैलेंट
मैदान पर स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
सांस्कृतिक कार्यक्रम (सीनियर वर्ग): स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (प्रथम), संत जेवियर्स शांति भवन (द्वितीय), महारानी लक्ष्मी बाई कन्या विद्यालय (तृतीय)।
सांस्कृतिक कार्यक्रम (जूनियर वर्ग): देव पब्लिक स्कूल (प्रथम), साउथ पॉइंट स्कूल (द्वितीय), जशपुरांचल इंग्लिश मीडियम स्कूल (तृतीय)।
परेड (सीनियर): एन.सी.सी. एन.ई.एस. कॉलेज (प्रथम), नगर सेना महिला (द्वितीय)।
परेड (जूनियर): कल्याण आश्रम (प्रथम), सरस्वती शिशु मंदिर (द्वितीय)।
झांकी प्रदर्शन: महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि स्वास्थ्य विभाग दूसरे और आदिम जाति एवं समाज कल्याण विभाग संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, डीआईजी श्री लाल उमेद सिंह समेत जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। मंच का सफल संचालन प्रो. डी.आर. राठिया और जयेश सौरभ टोपनो द्वारा किया गया।





