छत्तीसगढ़ में सुशासन की गूंज: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कल 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में अंतरित करेंगे 500 करोड़ रुपए

छत्तीसगढ़ में सुशासन की गूंज: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कल 5 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में अंतरित करेंगे 500 करोड़ रुपए

दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत प्रतिवर्ष मिलेगी 10 हजार की सहायता; रायपुर में सर्वाधिक तो बीजापुर में सबसे कम लाभार्थी

रायपुर | 24 मार्च 2026 छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार कल 'अंत्योदय' के संकल्प को साकार करने जा रही है। 25 मार्च को बलौदाबाजार में आयोजित भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 'दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना' के तहत राज्य के लगभग 5 लाख (4.95 लाख) पात्र परिवारों को 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की बड़ी सौगात देंगे। यह राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।

सहायता राशि में वृद्धि: अब 7 हजार के बदले मिलेंगे 10 हजार

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप, अब भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जाने वाली वार्षिक सहायता राशि को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है। राज्य सरकार ने अपने बजट 2026-27 में इसके लिए 600 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है, ताकि अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को आर्थिक सुरक्षा और सम्मान मिल सके।

लाभार्थियों का जिलावार विवरण: रायपुर अव्वल

योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण करा चुके लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है:

सर्वाधिक लाभार्थी: रायपुर जिला (53,338 परिवार)

अन्य प्रमुख जिले: बिलासपुर (39,401) और महासमुंद (37,011)

सबसे कम लाभार्थी: बीजापुर (1,542), कोरिया (1,549) और नारायणपुर (1,805)

सिर्फ मजदूर ही नहीं, पारंपरिक शिल्पी और पुजारी भी शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि इस योजना का दायरा बहुत व्यापक है। इसमें कृषि मजदूरों के अलावा निम्नलिखित वर्गों को भी जोड़ा गया है:

पौनी-पसारी व्यवस्था: चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी और वनोपज संग्राहक परिवार।

सांस्कृतिक रक्षक: अनुसूचित क्षेत्रों के देवस्थलों में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया और माँझी परिवार।

विशेष रूप से 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को भी इस सूची में स्थान मिला है, जो राज्य की पारंपरिक विरासत को सहेजे हुए हैं।

शुद्ध आय में वृद्धि और कर्ज से मुक्ति का लक्ष्य

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य भूमिहीन परिवारों की शुद्ध आय में वृद्धि करना है। वार्षिक 10 हजार रुपये की निश्चित सहायता से ये परिवार अपनी बुनियादी जरूरतों जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किसी कर्ज के बोझ तले नहीं दबेंगे। यह योजना सशक्त श्रमिकों के माध्यम से सुरक्षित और सुखी छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है।