जशपुर में नशे और सड़क हादसों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू बिका तो खैर नहीं, कलेक्टर और SSP के कड़े निर्देश
जशपुरनगर | 27 जनवरी 2026 जिले में नशाखोरी को जड़ से मिटाने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री रोहित व्यास और नवनियुक्त एसएसपी श्री लाल उमेंद सिंह की अध्यक्षता में एनकार्ड (NCORD) और सड़क सुरक्षा समिति की उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

स्कूलों के पास पान ठेलों का होगा सर्वे, बिके नशीले पदार्थ तो होगी जेल
नशा मुक्ति अभियान को लेकर एसएसपी श्री सिंह ने शिक्षा विभाग को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी स्कूलों के आसपास संचालित पान ठेलों का सर्वे कर रिपोर्ट सौंपें।
100 मीटर का प्रतिबंध: स्कूल और हॉस्टल के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, सिगरेट या किसी भी तंबाकू उत्पाद की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
मेडिकल स्टोर्स की जांच: ड्रग इंस्पेक्टर को नशीली दवाइयों की अवैध बिक्री रोकने हेतु दुकानों की औचक जांच के निर्देश दिए गए हैं।
नशेड़ी कर्मियों पर सख्ती: नशे के कारण निलंबित सरकारी कर्मचारियों की बहाली तभी होगी, जब वे अनिवार्य रूप से एक माह नशा मुक्ति केंद्र में उपचार कराएंगे।
हाईवे पर निगरानी: आबकारी विभाग हाईवे के ढाबों और होटलों में अवैध शराब की पैनी जांच करेगा।
सड़क सुरक्षा: 'ब्लैक स्पॉट' की सूची हर ड्राइवर की जेब में होगी
सड़क हादसों को रोकने के लिए कलेक्टर ने आधुनिक और रणनीतिक निर्देश दिए:
ड्राइवरों को अलर्ट: जिले के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की सूची तैयार कर हर ड्राइवर को दी जाएगी ताकि वे सतर्क रहें।
हेलमेट अनिवार्य: सरकारी अमले को रोल मॉडल बनना होगा; सभी अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनेंगे।
रिफ्लेक्टिव स्टिकर: ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों के पीछे स्टिकर लगाए जाएंगे ताकि रात में वे दूर से नजर आ सकें।
जान बचाने वाले को 25 हजार और मुफ्त इलाज
नए कानूनों और सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए गए:
राहगीर योजना: सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को 'गोल्डन आवर' (सुनहरे घंटे) में अस्पताल पहुँचाने वाले को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
कैशलेस इलाज: हिट एंड रन मामले में पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।
पंचायत स्तर पर तैयारी: प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक आपातकालीन वाहन और ड्राइवर का नंबर सार्वजनिक किया जाएगा ताकि एम्बुलेंस न मिलने पर तुरंत सहायता मिल सके।
क्विक रिस्पांस टीम और फर्स्ट एड
सीएमएचओ और एसडीएम को निर्देश दिए गए कि जिले की सभी एम्बुलेंस 24x7 सक्रिय मोड पर रहें। साथ ही, शासकीय ड्राइवरों और नगर सैनिकों को CPR और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे मौके पर ही जान बचा सकें। हाईवे टोल फ्री नंबर 1033 को भी पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।





