जशपुर में शिक्षा की नई क्रांति: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दो वर्षों में दी करोड़ों की सौगात, बदलेगी जिले की तस्वीर
जशपुर | 5 जनवरी 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिला शिक्षा के एक 'स्वर्णिम युग' की ओर अग्रसर है। पिछले दो वर्षों के भीतर प्रदेश सरकार ने जिले के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने के लिए करोड़ों रुपये के निवेश की मंजूरी दी है। महाविद्यालयों की स्थापना से लेकर छात्रावासों के निर्माण तक, जशपुर के भविष्य को संवारने के लिए सरकार ने चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त किया है।

प्रमुख विकास कार्य और स्वीकृत बजट: एक नज़र में
विकास कार्य का विवरण स्वीकृत राशि (करोड़ में) प्रभाव
24 नवीन छात्रावास भवन ₹41.59 करोड़ दूरस्थ ग्रामीण छात्रों को मिलेगी सुरक्षित आवासीय सुविधा।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (फरसाबहार व ढूंढरुडांड) ₹75.60 करोड़ आदिवासी अंचल के बच्चों को मिलेगा विश्वस्तरीय शैक्षणिक माहौल।
नवीन महाविद्यालय भवन (मनोरा) ₹4.61 करोड़ उच्च शिक्षा के लिए अब नहीं करना होगा शहरों का रुख।
8 नए स्कूल भवन निर्माण ₹6.19 करोड़ बुनियादी ढांचे में सुधार से शिक्षा का स्तर होगा सुदृढ़।
आदर्श विद्यालय विकास (बगिया व बंदरचूआ) ₹3.18 करोड़ स्मार्ट क्लास और आधुनिक संसाधनों से लैस होंगे स्कूल।
दिव्यांग आवासीय परिसर ₹1.77 करोड़ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समानता आधारित शिक्षा।
उच्च शिक्षा में बड़ी छलांग
जिले के युवाओं के लिए अब कॉलेज की पढ़ाई आसान होगी। मनोरा में नए कॉलेज भवन के साथ-साथ करडेगा और फरसाबहार में भी नए महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। इसके साथ ही फरसाबहार में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का शुभारंभ होना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
आदिवासी और दिव्यांग बच्चों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि का ही परिणाम है कि जिले में आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य विद्यालयों के माध्यम से बड़े सपनों को उड़ान देने की तैयारी है। वहीं, समाज के अंतिम छोर पर खड़े दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आदर्श आवासीय परिसर का निर्माण एक संवदेनशील पहल है, जहाँ उन्हें सुरक्षा के साथ विशेष शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे।
निष्कर्ष: "शिक्षा सम्पन्न – भविष्य सुरक्षित"
यह केवल भवनों का निर्माण नहीं, बल्कि जशपुर की आने वाली पीढ़ियों के सशक्तिकरण का निवेश है। डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास और उन्नत प्रयोगशालाओं के माध्यम से जशपुर के बच्चे अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो सकेंगे।
"मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का संकल्प जशपुर को शिक्षा का हब बनाना है। इन स्वीकृतियों से जिले का हर बच्चा, चाहे वह कितना ही दूरस्थ क्षेत्र का क्यों न हो, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।"


