जशपुर में विकास की नई रफ्तार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 914 करोड़ की लागत से बिछ रहा 600 सड़कों का जाल
जशपुरनगर | 19 जनवरी 2026 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिला विकास के एक नए युग का साक्षी बन रहा है। "अंतिम व्यक्ति तक पहुंच" के संकल्प के साथ जिले में सड़क कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक गति दी जा रही है। पिछले दो वर्षों के भीतर जिले में 914 करोड़ 94 लाख रुपए की भारी-भरकम लागत से लगभग 603 सड़कों की स्वीकृति दी गई है, जिससे वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों की तस्वीर बदलने वाली है।


विभागवार स्वीकृतियों का ब्यौरा
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले की सड़कों का कायाकल्प करने के लिए अलग-अलग योजनाओं के तहत बजट आवंटित किया गया है:
योजना/विभाग सड़कों की संख्या स्वीकृत राशि (करोड़ में)
लोक निर्माण विभाग (PWD) 103 सड़कें ₹ 567.00
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 93 सड़कें ₹ 239.26
मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना 29 सड़कें ₹ 76.20
अन्य (CC सड़क निर्माण) 378 सड़कें ₹ 31.34
कुल योग 603 सड़कें ₹ 914.94
प्रमुख सड़क परियोजनाएं जो बदलेंगी जिले की सूरत
जिले के मुख्य मार्गों के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनमें शामिल हैं:
लूडेग-तपकरा मार्ग: 41 किमी का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण।
कांसाबेल-बगीचा मार्ग: 39 किमी मार्ग का सुदृढ़ीकरण।
दनगरी घाट निर्माण: ग्राम पोड़ीखुर्द से सुलेशा के बीच 13.60 किमी का महत्वपूर्ण निर्माण।
अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी: ठूठीअंबा से कादोपानी (झारखंड सीमा) तक पहुँच मार्ग।
अन्य मुख्य मार्ग: बागबहार-कोतबा, जशपुर-आस्ता-कुसमी उन्नयन और बालाछापर-आरा सकरडेगा मार्ग।
सड़क निर्माण से ग्रामीण जीवन में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
इन सड़कों के जाल बिछने से केवल आवागमन सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक लाभ भी मिलेंगे:
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं: एम्बुलेंस और टीकाकरण टीमों की गांवों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को त्वरित उपचार मिलेगा।
किसानों को लाभ: कृषि उत्पादों और वनोपज को बाजार तक पहुँचाने में समय और परिवहन खर्च की बचत होगी।
शिक्षा और रोजगार: स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए राह आसान होगी और निर्माण कार्यों से स्थानीय मजदूरों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
आर्थिक सुदृढ़ीकरण: पर्यटन स्थलों तक पहुँच आसान होने से स्थानीय व्यापार और सेवा आधारित गतिविधियों में वृद्धि होगी।
मुख्यमंत्री श्री साय की सरकार का लक्ष्य जशपुर के हर मजरे-टोले को बारहमासी सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के नए द्वार खुल सकें।





