बगीचा ब्रेकिंग: 4 महीने से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, सचिव पर चमचागिरी का आरोप; अब कलेक्टर रोहित व्यास के आश्वासन पर टिकी उम्मीदें

बगीचा ब्रेकिंग: 4 महीने से बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण, सचिव पर चमचागिरी का आरोप; अब कलेक्टर रोहित व्यास के आश्वासन पर टिकी उम्मीदें

चंद्रभान यादव बगीचा 

बगीचा। ग्रामीण इलाकों में विकास के दावों की हवा निकालती एक जमीनी हकीकत बगीचा जनपद पंचायत से सामने आ रही है। जनपद पंचायत के सरधापाठ पकरिटोली (वार्ड क्रमांक 9 और 10) के ग्रामीण पिछले 4 महीनों से भीषण पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। पानी की एक-एक बूंद के लिए ग्रामीण महिलाएं दर-दर भटकने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही थी।

हैंडपंप क्या उखड़ा, हलक ही सूख गया

​मिली जानकारी के अनुसार, करीब 4 महीने पहले तक इसी वार्ड के एक हैंडपंप से वार्ड वासी अपनी प्यास बुझा रहे थे। लेकिन विभागीय लापरवाही या किसी अन्य वजह से जब से उस हैंडपंप को निकाला गया है, ग्रामीणों का जल संकट आसमान छूने लगा है। तपती धूप और इस भीषण गर्मी में महिलाओं का पूरा समय सिर्फ पानी का इंतजाम करने में ही बीत रहा है।

"सचिव सुनते हैं सिर्फ चमचों की..." : ग्रामीण महिलाओं का फूटा गुस्सा

​इस पूरे मामले में ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय पंचायत सचिव पर फूटा है। ग्रामीण महिलाओं ने सीधे तौर पर सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि:

​"सचिव साहब सिर्फ अपने कुछ खास चमचों की बातें सुनते हैं और उन्हीं के इशारे पर काम करते हैं। आम जनता की बुनियादी समस्याओं से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। चमचागिरी के चक्कर में हमारा काम रोक कर रखा गया है।"

सीईओ के बाद अब कलेक्टर से आस; टिकीं आम जनता की नजरें

​मामला जब तूल पकड़ने लगा और शिकायत जिला पंचायत सीईओ तक पहुंची, तो प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अब इस गंभीर मुद्दे पर कलेक्टर रोहित व्यास ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि इस पेयजल संकट को तत्काल दूर किया जाएगा।

​कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद अब सरधापाठ पकरिटोली के आम जनताओं की नजरें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। देखना यह होगा कि साहब का यह आश्वासन सिर्फ कागजी साबित होता है या वाकई इन प्यासे कंठों तक पानी पहुंच पाता है।

रिपोर्ट: चंद्रभान यादव की कलम से...