मरीज के परिजनों से बदसलूकी पड़ गई भारी: जशपुर जिला अस्पताल की ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी

मरीज के परिजनों से बदसलूकी पड़ गई भारी: जशपुर जिला अस्पताल की ऑपरेटर को कारण बताओ नोटिस जारी

जशपुर | 11 अप्रैल 2026 जशपुर जिला अस्पताल में अपनी सेवाओं के दौरान मर्यादा भूलना एक कर्मचारी को महंगा पड़ गया है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक ने जिला चिकित्सालय में कार्यरत जीवनदीप कर्मी और ऑपरेटर श्रीमती मोती चौहान को मरीज के परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए 5 दिन का समय दिया है।

फेसबुक पर वायरल वीडियो से खुला मामला

दरअसल, यह पूरी कार्रवाई सोशल मीडिया (फेसबुक) पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है। 8 अप्रैल 2026 को प्रसारित इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि श्रीमती मोती चौहान आयुष्मान कार्ड चालू कराने आए एक मरीज के परिजन के साथ चिल्लाकर और अभद्रता से बात कर रही हैं।

क्या है पूरा विवाद?

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मरीज आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ लेने के लिए सुबह से आयुष्मान काउंटर के चक्कर काट रहा था। नियमतः कर्मचारी को किसी भी तकनीकी या अन्य समस्या का समाधान शांतिपूर्वक बताना चाहिए था, लेकिन ऑपरेटर ने मदद करने के बजाय परिजन पर चिल्लाना शुरू कर दिया।

नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि एक शासकीय कार्यालय में इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है। नोटिस में कहा गया है:

"मरीज के परिजन के साथ अभद्रतापूर्ण व्यवहार किया जाना कदाचित मान्य नहीं है। इस संबंध में अपना लिखित स्पष्टीकरण 5 दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत करें।"

अब देखना यह होगा कि संबंधित कर्मचारी इस पर क्या सफाई देती हैं, लेकिन इस कार्रवाई से अस्पताल के अन्य कर्मचारियों में भी अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश गया है।