नीली क्रांति की ओर जशपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मत्स्य उत्पादन में रचा इतिहास, दो वर्षों में 21,119 मीट्रिक टन पैदावार

नीली क्रांति की ओर जशपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मत्स्य उत्पादन में रचा इतिहास, दो वर्षों में 21,119 मीट्रिक टन पैदावार

जशपुरनगर | छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में मत्स्य पालन अब केवल पोषण का आधार नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। शासन की कल्याणकारी नीतियों और आधुनिक तकनीकों के समावेश से जिले ने मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नज़र डालें तो जिले में कुल 21,119 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन दर्ज किया गया है, जिसने हजारों परिवारों के लिए रोज़गार के नए द्वार खोले हैं।

आंकड़ों में जशपुर की उपलब्धि

मत्स्य विभाग के अनुसार, अप्रैल 2024 से अब तक जिले में मत्स्य बीज उत्पादन और संचयन में भारी उछाल आया है:

  • स्पॉन उत्पादन: 18.50 करोड़

  • स्टे.फ्राय उत्पादन: 2.55 करोड़

  • मत्स्य बीज संचयन: 2.94 करोड़

  • झींगा पालन: 110 नई इकाइयों की स्थापना से व्यवसाय में विविधता आई है।

मछुआरों को मिला सरकारी योजनाओं का सुरक्षा कवच

शासन ने न केवल उत्पादन बढ़ाया, बल्कि मछुआरों के सामाजिक और आर्थिक हितों की भी रक्षा की है:

  • बीमा सुरक्षा: 13,989 हितग्राहियों को 'मत्स्यजीवि दुर्घटना बीमा योजना' के तहत कवर किया गया।

  • अनुदान और सहायता: 712 हितग्राहियों को नाव-जाल का वितरण किया गया, जबकि 335 लाभार्थियों को फुटकर मछली विक्रय हेतु आर्थिक मदद दी गई।

  • पट्टा आवंटन: ग्रामीण स्तर पर लगभग 80 हेक्टेयर तालाबों व जलाशयों का पट्टा आवंटित कर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाया गया है।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: नीली क्रांति का आधार

जशपुर में 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन से मत्स्य पालकों को भारी सब्सिडी मिल रही है। अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला वर्ग के हितग्राहियों को 60 प्रतिशत तक तथा सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग को 40 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।

  • जिले में 26 हेक्टेयर निजी भूमि पर तालाब निर्माण और 5.4 हेक्टेयर में संवर्धन पोखर निर्माण की स्वीकृति दी गई है।

  • आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 8 बायोफ्लॉक पॉण्ड लाइनर इकाइयों को भी मंजूरी मिली है।

बढ़ती आमदनी, सुधरता जीवन स्तर

मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर का किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ मत्स्य पालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपना रहा है। नवाचारों और सरकारी प्रशिक्षण के कारण मछुआ सहकारी समितियां भी अब आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं, जिससे पूरे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।