कांसाबेल में चिकित्सा जगत की बड़ी सफलता: 2 साल की मासूम के नाक में फंसा फोम का टुकड़ा दूरबीन पद्धति से सुरक्षित निकाला
कांसाबेल | 27 जनवरी 2026 जशपुर जिले के कांसाबेल में चिकित्सा सुविधा के क्षेत्र में एक राहत भरी खबर सामने आई है। बैगाटोली निवासी एक दो वर्षीय मासूम बच्ची के नाक में फंसे गद्दे (फोम) के टुकड़े को स्थानीय स्तर पर पहली बार सफलतापूर्वक निकालकर उसे नया जीवन दिया गया है।
खेलते-खेलते नाक में डाल लिया था फोम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैगाटोली (कांसाबेल) निवासी (2 वर्ष) 26 जनवरी को घर में खेल रही थी। इसी दौरान उसने अनजाने में गद्दे के फोम का एक टुकड़ा अपनी बाईं नाक में डाल लिया। टुकड़ा गहराई में फंस जाने के कारण बच्ची को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजनों ने जब स्थानीय अस्पताल में दिखाया, तो स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल अंबिकापुर ले जाने की सलाह दी गई।
बिना चीर-फाड़ के दूरबीन से हुआ सफल इलाज
बच्ची के पिता ने अंबिकापुर जाने से पहले कांसाबेल के नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक कुमार गुप्ता से संपर्क किया। डॉ. गुप्ता ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत अपनी टीम (लालजीत चौहान और विल्सन तिर्की) के साथ उपचार शुरू किया।
आज 27 जनवरी को डॉ. अभिषेक ने बिना किसी चीर-फाड़ के अत्याधुनिक दूरबीन कैमरे (Endoscopy) की सहायता से नाक के भीतर फंसे फोम के टुकड़े को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। राहत की बात यह है कि बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ और खतरे से बाहर है।
कांसाबेल में पहली बार ऐसी सफलता
डॉ. अभिषेक कुमार गुप्ता ने बताया कि बच्चों के मामले में ऐसी स्थिति काफी संवेदनशील होती है, क्योंकि बाहरी वस्तु श्वास नली में फंसने का डर रहता है। कांसाबेल में इस तरह का यह पहला मामला है जहाँ दूरबीन पद्धति से सफलतापूर्वक ऐसी जटिल वस्तु निकाली गई है। इस सफल उपचार से परिजनों ने राहत की सांस ली है और डॉक्टर व उनकी टीम का आभार व्यक्त किया है।





