तकनीक से बदली PDS की तस्वीर: 'अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम' से अब मिनटों में मिल रहा राशन
लंबी लाइनों से मिली मुक्ति, बायोमेट्रिक सत्यापन से पारदर्शी और सटीक तौल का मिल रहा लाभ
रायपुर | 12 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक, पारदर्शी और जन-सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। सरकंडा में शुरू की गई ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की नई व्यवस्था से राशन वितरण की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब कार्डधारकों को घंटों लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि कुछ ही मिनटों में तकनीक के माध्यम से सटीक तौल के साथ राशन मिल रहा है।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की मुख्य विशेषताएं
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समय की बचत: घंटों का काम अब महज कुछ मिनटों में पूरा हो रहा है।
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बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: फिंगरप्रिंट/बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन जारी होता है।
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स्क्रीन पर पारदर्शिता: स्क्रीन पर हितग्राही को उसकी पात्रता के अनुसार राशन की मात्रा स्पष्ट दिखाई देती है।
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ऑटोमैटिक और सटीक तौल: पुष्टि करने के बाद डिस्पेंसर के नीचे थैला रखते ही निर्धारित मात्रा में चावल सीधे थैले में भर जाता है।
हितग्राहियों का बढ़ा भरोसा: "अब न लाइन की चिंता, न तौल में शंका"
"पहले राशन के लिए लंबी लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। अब ग्रेन एटीएम से प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है और तौल को लेकर भी कोई चिंता नहीं रहती।"
— प्रीति मानिकपुरी, हितग्राही (चिंगराजपारा)
"ग्रेन एटीएम में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद स्क्रीन पर राशन की मात्रा दिखती है। कंफर्म करते ही चावल सीधे थैले में गिर जाता है। यह अनुभव आसान भी है और भरोसा बढ़ाने वाला भी।"
— दुर्गेश कुमार यादव, हितग्राही

सुगम संचालन और भीड़ नियंत्रण
ग्रेन एटीएम की संचालिका रिंकू सिंह ठाकुर के अनुसार, मशीन आधारित इस ऑटोमैटिक प्रक्रिया से राशन वितरण का कार्य बेहद व्यवस्थित हो गया है। इससे केंद्र पर भीड़ नियंत्रित करने, समय बचाने और प्रत्येक हितग्राही को उसकी निर्धारित मात्रा में पारदर्शी तरीके से राशन उपलब्ध कराने में बहुत सहूलियत मिल रही है।
सुशासन और जनसुविधा की नई मिसाल
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उसे सम्मानजनक, पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से नागरिकों तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। शुरुआती चरणों में ही इस तकनीक आधारित व्यवस्था से आम जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, जो आने वाले समय में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए एक मॉडल साबित होगा।














