जशपुर: आंगनबाड़ी बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजी राखी, सम्मान और अधिकारों की पूरी की मांग
जशपुर: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं द्वारा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम राखी भेजने का एक अनूठा और विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में देवदांड सेक्टर अंतर्गत जितुटोली की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री को राखी भेजकर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
भाई-बहन के प्रेम के साथ अधिकारों की हुंकार
यह पूरा अभियान छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ की कार्यकारी प्रांताध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष जशपुर, श्रीमती कविता यादव के नेतृत्व में जिलेभर में संचालित हो रहा है। आंगनबाड़ी बहनों ने मुख्यमंत्री को अपना भाई मानते हुए यह पर्व मनाया है, साथ ही अपनी वर्षों पुरानी मांगों और समस्याओं की ओर उनका गंभीर ध्यान आकर्षित किया है।
पत्र के मुख्य बिंदु
- सम्मान और सुरक्षा: पत्र में उल्लेख किया गया है कि आंगनबाड़ी बहनें वर्षों से महिला एवं बाल विकास, पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में पूरी निष्ठा से सेवाएं दे रही हैं।
- प्रमुख मांगें: कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उन्हें सम्मानजनक मानदेय, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और अन्य अधिकारों के संबंध में सकारात्मक और ठोस निर्णय लेना चाहिए।
- विश्वास का प्रतीक: भेजी गई राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रदेश की लाखों आंगनबाड़ी बहनों के स्नेह, भरोसे और उम्मीदों का अटूट प्रतीक है।



बैठक में इन महिलाओं की रही विशेष उपस्थिति
जितुटोली में आयोजित विशेष बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस दौरान जा यादव, मंगलमणि भगत, सुषमा भगत, लक्ष्मनिया भगत, पुनीता यादव, उचित यादव, रुक्मणी यादव और प्रमिला यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
गांव-गांव तक पहुंचती हैं योजनाएं
जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने में सबसे बड़ी कड़ी साबित होती हैं। इसलिए उनके कल्याण और अधिकारों के हित में जल्द उचित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। जितुटोली की बहनों का यह संदेश साफ है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उनके 'भैया' (मुख्यमंत्री) उनकी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार अवश्य करेंगे।














