प्रशासनिक मुस्तैदी: खबर का असर या विभाग की सजगता? गम्हारकोना स्कूल पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया स्पष्टीकरण
गम्हारकोना प्राथमिक शाला में अतिरिक्त भवन में हो रहा नियमित अध्यापन, जर्जर भवन में लगाया गया ताला
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सुरक्षा को प्राथमिकता: मूल भवन के जर्जर होने के कारण उसे बंद कर डिस्मेंटल करने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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बारिश से बचाव के इंतजाम: अत्यधिक वर्षा के कारण पानी टपकने से रोकने हेतु छत और कक्षा के अंदर तिरपाल लगाकर पढ़ाई जारी रखी गई है।
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दूर है पंचायत भवन: आसपास अन्य कोई वैकल्पिक भवन नहीं होने तथा पंचायत भवन 2.5 किमी दूर होने से इसी परिसर में व्यवस्था की गई है।
बगीचा/जशपुरनगर: शासकीय प्राथमिक शाला गम्हारकोना (विकासखण्ड बगीचा) को लेकर हाल ही में प्रकाशित समाचार "8X10 के कमरे में 23 बच्चे: पहली के छात्र पढ़ रहे गणित व विज्ञान तो पांचवी के अनार-आम" पर जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर ने स्थिति स्पष्ट की है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, प्राथमिक शाला गम्हारकोना (संकुल केन्द्र मुढी) में कुल 30 छात्र दर्ज हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए 2 शिक्षक पदस्थ हैं। शाला का मूल भवन जर्जर हो जाने के कारण सुरक्षा के लिहाज से उसमें ताला लगा दिया गया है और उसे डिस्मेंटल (ध्वस्त) करने का प्रस्ताव उच्च स्तर पर भेजा गया है। वर्तमान में बच्चों की कक्षाएं अतिरिक्त भवन में संचालित की जा रही हैं।
अत्यधिक बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की समस्या से निपटने और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न होने देने के लिए छत के ऊपर व कक्षा के भीतर तिरपाल लगाकर तात्कालिक व्यवस्था की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया कि शाला के निकट कोई अन्य शासकीय या निजी भवन उपलब्ध नहीं है, वहीं पंचायत भवन लगभग 2.5 किलोमीटर दूर स्थित होने के कारण बच्चों की सुविधा हेतु इसी वैकल्पिक व्यवस्था में नियमित अध्यापन कार्य कराया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि बच्चों की सुरक्षा और निर्बाध शिक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।














