जशपुर के किसान अनारथ साय ने संरक्षित खेती से लिखी सफलता की नई इबारत, ऑयल पाम और इंटर-क्रॉपिंग से बने आर्थिक रूप से मजबूत
जशपुर | 8 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य के किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ-साथ उद्यानिकी और विविधीकृत खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में जशपुर जिले के ग्राम-पतराटोली निवासी किसान श्री अनारथ साय ने उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक और संरक्षित खेती का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है।
28.40 लाख की परियोजना पर मिला 50% अनुदान
किसान अनारथ साय ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत अपने खेतों में शेडनेट हाउस स्थापित कर ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक एवं संरक्षित खेती शुरू की है।
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कुल लागत: ₹28 लाख 40 हजार
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शासकीय अनुदान: उद्यानिकी विभाग द्वारा ₹14 लाख 20 हजार की सब्सिडी प्रदान की गई।
ऑयल पाम और फलदार वृक्षों के साथ इंटर-क्रॉपिंग
अनारथ साय केवल एक फसल पर निर्भर न रहकर समेकित कृषि प्रणाली को अपना रहे हैं:
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ऑयल पाम की खेती: राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत वे ऑयल पाम का सफल उत्पादन कर रहे हैं।
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आम एवं लीची का बगीचा: समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर क्षेत्र में आम और लीची के पौधे रोपे गए हैं।
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अंतरवर्ती खेती (Inter-Cropping): मुख्य फलदार वृक्षों के बीच खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग करते हुए वे स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी की अंतरवर्ती खेती कर रहे हैं।
"मुख्य फसलों के बीच खाली जगह का उपयोग कर स्ट्रॉबेरी और सब्जियों की इंटर-क्रॉपिंग करने से कम लागत में सालभर निरंतर आय प्राप्त होती रहती है। उद्यानिकी विभाग की मदद से अब खेती अधिक मुनाफे का सौदा बन गई है।"
— श्री अनारथ साय, लाभान्वित किसान (ग्राम पतराटोली)
उद्यानिकी विभाग की प्रोत्साहन योजनाओं और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अनारथ साय न केवल खुद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि जिले के अन्य किसानों के लिए भी विविधीकृत कृषि अपनाने की एक प्रेरणा बन चुके हैं।














